रेहाना बनी अपने जिले की पहली महिला अधिकारी – पहले डॉक्टर फिर बनी IAS

By | June 11, 2021

जम्मू-कश्मीर के पुंछ की रहने वाली रेहाना ने वर्ष 2018 में UPSC की परीक्षा में 187 वी रैंक हासिल करके, अपने जिले की पहली महिला अधिकारी बन गई है। रेहाना को यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में मिली है। पहले प्रयास में रेहाना को प्री में भी सफलता नहीं मिल पाई थी, लेकिन दूसरे प्रयास में न केवल रेहाना ने परीक्षा पास की बल्कि अपना IAS अधिकारी बनने का सपना भी पूरा किया।

रेहाना बनी अपने जिले की पहली महिला अधिकारी: पहले बनी डॉक्टर फिर बनी IAS अधिकारी

मेंधर जिले के सालवा गांव की रेहाना का सफर बहुत ही कठिन था। उन्होंने अपने जीवन में कई सारी कठिनाइयों का सामना किया है, उन्होंने कभी भी इन कठिनाइयों के आगे घुटने नहीं टेके। रेहाना के भाई ने UPSC की परीक्षा पास करके IRS सेवा में कार्यरत है, रेहाना को अपने भाई से UPSC की तैयारी में बहुत मदद मिली है। पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 4.5 लाख पशुपालकों ने आवेदन किया,किसे मिलेगा लाभ

छोटी उम्र में ही हुई पिता की मृत्यु:-

जब रेहाना Class 9th में थी तथा उनके भाई Class 8th में थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। रेहाना तथा उनके परिवार को बहुत पहले से ही मुसीबतों ने घेरा हुआ था। रिहाना की मां ने अपने दोनों बच्चों को कभी किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी, इसके बदले में उन्होंने अपने दोनों बच्चों से वादा लिया कि वे अच्छे से पढ़ाई करेंगे और मेहनत करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे। उनके बच्चों ने अपनी मां को यह वादा दिया और अपने-अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त की। एग्रीकल्चर के UG Program में दाखिले के लिए, ICAR ने घोषित की प्रवेश परीक्षा तारीख

पहले रेहाना का लक्ष्य UPSC पास करने का नहीं था, अतः उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने MBBS का Entrance Exam पास कर के डॉक्टरी की पढ़ाई को पूरा किया। डाक्टरी की डिग्री के समय रिहाना जब Internship कर रही थी, तब उनके सामने कुछ ऐसी समस्याएं आयी जिसे देखकर, उन्होंने सोचा कि ऐसी डॉक्टरी का क्या फायदा जो आम जन तक ही नहीं पहुंच पा रही है। अतः उन्होंने ऐसी Field को Join करने का सोचा जो आम जन तक हर सुविधा पहुंचा सके। तब उन्हें UPSC का ख्याल आया और UPSC की तैयारी उनके भाई पहले से ही कर रहे थे।

रेहाना बनी अपने जिले की पहली महिला अधिकारी

मेडिकल के क्षेत्र में काफी कठिन एग्जाम माने जाने वाले NEET PG एंट्रेंस एग्जाम को भी अच्छे अंको से पास कर लिया। मगर उनके मन में कई तरह के सवाल उठ रहे थे। तब उन्होंने निश्चय किया कि वे UPSC की तैयारी करेंगी और वह NEET PG की काउंसलिंग के लिए नहीं गई।

पहली बार में मिली असफलता:-

रेहाना का यह निर्णय काफी साहसिक था, क्योंकि रेहाना की नौकरी लगभग तय थी। ऐसे में उसे छोड़कर UPSC की तैयारी करना बहुत ही मुश्किल था पर नामुमकिन नहीं था। अतः रेहाना ने UPSC की तैयारी शुरू की और पहले प्रयास में जब उनका प्री नहीं निकला तो वे काफी उदास हो गई थी। तब उनके परिवार ने उनका पूरा Support किया और उन्हें Motivate किया तथा रिहाना ने भी सोचा कि, उनका इरादा इतना पार्क है तो वह इतनी जल्दी हार कैसे मान सकती हैं। अतः एक बार फिर उन्होंने तैयारी शुरू की और दूसरे प्रयास में 187 वी रैंक लाकर अपने शहर की मिसाल बनी। रेहाना का सफर इतना भी आसान नहीं था, इस रास्ते पर चलते हुए उन्हें काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा तब जाकर उन्हें यह सफलता मिली।

सफलता की तरफ रेहाना का सफर:-

जैसा कि सभी जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में आए दिन इंटरनेट सेवा आदि की समस्या रहती थी, अतः ऐसे में रेहाना अपने Study Material की हार्ड कॉपी निकलवा कर पहले ही रख लेती थी। रेहाना का पूरा Guidance उनके भाई ने किया था तथा उन्होंने Standard Books से अपनी तैयारी शुरू की थी लेकिन ज्यादातर Study Material नेट पर उपलब्ध हो जाता था, अतः वे उनकी हार्ड कॉपी निकलवा लेती थी। रेहाना ने न ही कोई कोचिंग ली और न ही किसी टीचर से मदद ली, परंतु वे UPSC Toppers के ब्लॉग और इंटरव्यू जरूर पढ़ती थी।

मेंस की परीक्षा के पहले रेहाना की मां का एक बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद घर का सारा काम रेहाना को ही देखना पड़ता था क्योंकि उनके भाई भी ट्रेनिंग के लिए गए हुए थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई और घर के काम काजो को बखूबी पूरा करने के साथ ही साथ अपनी मां की देखभाल भी की। रेहाना अपनी किस्मत की भी खूब धनी थे क्योंकि वे इंटरव्यू के लिए कुछ दिन पहले ही दिल्ली आ गई थी, वरना सर्जिकल स्ट्राइक के कारण सभी एयर बेस बंद कर दिए गए थे। जिसके कारण वे दिल्ली ना आ पाती। रेहाना ने इस मुकाम को पाने के लिए बहुत मेहनत की तथा काफी मुसीबतों का सामना भी किया, तब जाकर उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *